Sunday, October 24, 2010

Friday, October 22, 2010

दिल का मामला है जरा देख भाल के , नजरे मिलाइए यहाँ दिल को संभाल के

दिल का मामला है जरा देख भाल के
नजरे मिलाइए यहाँ दिल को संभाल के

प्यारी सी मुस्कुराहट जीने नहीं देगी
जो पूछ लिया हाल यहाँ बेहाल के

सच्ची मोहब्बत कि उम्मीद कम करना
वरना सब छोड़ देंगे यहाँ खेल खाल के

वफ़ा और वफाई तो बईमानी है यहाँ
बस लोग जी रहे है यहाँ सब झेल्झाल के

कौन कैसा वादा क्या किया था हमने
'मनी' अब तो बैठे यहाँ सब देखभाल के
................................मनीष शुक्ल